झांसी: नगर निगम की सदन बैठक सोमवार को भारी हंगामे के साथ शुरू हुई. बैठक शुरू होते ही कई पार्षद जमीन पर बैठ गए और नगर निगम अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया. सदन की अध्यक्षता कर रहे मेयर बिहारी लाल आर्य ने पार्षदों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन पार्षद अपनी मांगों पर अड़े रहे. पार्षदों का कहना था कि शहर भर में सड़कों की खुदाई कर दी गई है, लेकिन मरम्मत नहीं कराई जा रही. शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते, जिससे जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
सरकारी स्कूल में 6 महीने से खराब हैंडपंप
सदन में पार्षद कामेश अहिरवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके वार्ड के एक सरकारी स्कूल में पिछले छह महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह जेई को करीब 20 बार फोन कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ. पार्षद ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि स्कूल के बच्चों के लिए पानी पास के घर से लाया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जो काम एक घंटे में हो सकता है, वह छह महीने से लंबित क्यों है.
2 करोड़ की डीजल चोरी, नाम बताने की मांग
सदन में उस वक्त माहौल और गरमा गया जब पार्षद हरिओम मिश्रा ने हाथ में तख्ती लेकर नगर निगम की गाड़ियों के नाम पर हुई करीब 2 करोड़ रुपए की डीजल चोरी का मुद्दा उठाया. उन्होंने नगर आयुक्त से सीधे सवाल किया कि डीजल चोरी करने वाले लोग कौन हैं और उनके नाम सदन में सार्वजनिक किए जाएं. इस पर नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा कि डीजल चोरी का मामला नगर निगम द्वारा ही पकड़ा गया है और इसकी जांच जारी है. दोषी जो भी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले नाम सार्वजनिक करना संभव नहीं है.
स्वास्थ्य अधिकारी को लेकर भी उठा विवाद
बैठक के दौरान पार्षद नीता विकास यादव ने स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर धीरेंद्र गुप्ता को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि डॉक्टर का ट्रांसफर समथर हो चुका है, इसके बावजूद उन्हें नगर निगम से रिलीव नहीं किया गया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज ही डॉक्टर को नहीं हटाया गया, तो वह सदन में ही धरने पर बैठ जाएंगी.
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