भारतीय रेलवे ने साल 2025 में दूसरी बार यात्री किराये में बढ़ोतरी की है. इस फैसले को लेकर यात्रियों में नाराजगी है, लेकिन रेल मंत्रालय का कहना है कि बढ़ती लागत और रेलवे की वित्तीय मजबूरियों के चलते यह कदम उठाना जरूरी हो गया था.
रेल मंत्रालय के अनुसार यह किराया बढ़ोतरी लंबी दूरी की यात्राओं के लिए लागू की गई है. साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने पर प्रति किलोमीटर 1 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी और एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 पैसे अधिक चुकाने होंगे. इसका मतलब यह है कि 500 किलोमीटर की यात्रा पर यात्रियों को लगभग 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.
रेलवे ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी सभी यात्रियों पर लागू नहीं होगी. उपनगरीय ट्रेनों, लोकल यात्रियों और मासिक सीजन टिकट धारकों को इस बढ़ोतरी से पूरी तरह राहत दी गई है. इसके अलावा छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. रेल मंत्रालय का कहना है कि रेलवे को किराया बढ़ाने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि बीते वर्षों में ईंधन, कर्मचारियों के वेतन, ट्रैक रखरखाव, सुरक्षा और तकनीकी सुधारों पर खर्च तेजी से बढ़ा है. मंत्रालय ने बताया कि यात्री सेवाओं पर रेलवे पहले से ही भारी सब्सिडी देता है और वास्तविक लागत का बड़ा हिस्सा सरकार खुद उठाती है.
मंत्रालय के अनुसार इस किराया बढ़ोतरी से मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने में लगाया जाएगा. रेलवे ने यह भी कहा कि भारतीय रेलवे आज भी दुनिया की सबसे सस्ती रेल सेवाओं में शामिल है. हालांकि विपक्षी दलों ने इसे आम जनता पर बोझ बताया है. वहीं रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बनाए रखने के लिए यह फैसला मजबूरी में लिया गया है.
रेल किराया दूसरी बार बढ़ा, रेलवे ने बताई वजह, जानिए किसे कितना देना होगा और किसे राहत?
