झांसी: झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित बिजौली औद्योगिक इलाके में शनिवार रात प्लास्टिक स्क्रैप फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने हड़कंप मचा दिया. आग इतनी भयावह थी कि लपटें 50 से 60 फीट तक उठती दिखाई दीं और करीब 12 घंटे तक धधकती रहीं. इस हादसे में फैक्ट्री में रखा करीब 6 करोड़ रुपए का माल जलकर राख हो गया. राहत की बात यह रही कि फैक्ट्री के भीतर सो रहे तीन मजदूरों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली.
घटना के वक्त फैक्ट्री में काम करने वाले सुजीत, मनीष और टुन्ना एक कमरे में सो रहे थे. मजदूर सुजीत ने बताया कि रात करीब ढाई बजे अचानक तेज रोशनी से उसकी नींद खुल गई. आंख खुलते ही उसने देखा कि फैक्ट्री में भीषण आग लगी है और लपटें उनके कमरे की ओर बढ़ रही हैं. उसने बिना देर किए अपने दोनों साथियों को जगाया और तीनों बाहर की ओर भागे. पुलिस ने मैनगेट तोड़कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. सुजीत के मुताबिक अगर दो मिनट की भी देरी हो जाती तो तीनों की जान नहीं बच पाती.
12 घंटे तक धधकती रही आग
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. आग बुझाने के लिए झांसी फायर ब्रिगेड के साथ बीएचईएल, पारीछा प्लांट और आर्मी की दमकल गाड़ियों को भी बुलाया गया. करीब 15 दमकल गाड़ियों ने बारी-बारी से लगभग 70 फेरे लगाकर पानी डाला, तब कहीं जाकर आग पर काबू पाया जा सका.
मालिक ने बताया नुकसान का कारण
फैक्ट्री मालिक साजिद खान, निवासी नंदनपुरा सीपरी बाजार, ने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल पहले किराए की बिल्डिंग में यह फैक्ट्री शुरू की थी. यहां प्लास्टिक स्क्रैप से ठोस माल तैयार कर दिल्ली, कानपुर और इंदौर भेजा जाता था. रेट गिरने के कारण पिछले डेढ़ साल से माल की बिक्री बंद थी. फैक्ट्री में 4 से 5 करोड़ रुपए का प्लास्टिक स्क्रैप रखा हुआ था, जो पूरी तरह जल गया. साजिद ने बताया कि फैक्ट्री में बिजली कनेक्शन नहीं था और मशीनें जनरेटर से चलती थीं, इसलिए शॉर्ट सर्किट की संभावना नहीं है. पास की फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम होता है, आशंका है कि आग वहीं से लगी हो. हालांकि आग लगने के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है.
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस और फायर विभाग ने मौके का निरीक्षण किया है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. फैक्ट्री में हुए भारी नुकसान के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.
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