राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वर्ष मना रहा है. इसी अवसर पर झांसी में दिसंबर माह भर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें आवला 1 से 31 दिसंबर तक चलने वाला गृह संपर्क अभियान सबसे प्रमुख है. इस अभियान में संघ के प्रचारक सीधे परिवारों से संवाद कर रहे हैं.
दो दिन में 5 हजार परिवारों से संपर्क
गृह संपर्क अभियान की शुरुआत के बाद दो दिनों में ही संघ की टोलियां झांसी के लगभग 5 हजार परिवारों तक पहुंच चुकी हैं. स्वयंसेवक लोगों को संघ की विचारधारा, राष्ट्र निर्माण की अवधारणा और दैनिक कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दे रहे हैं. परिवारों को भारत माता का चित्र और संघ की गतिविधियों पर आधारित पुस्तिका भी भेंट की जा रही है.
शताब्दी वर्ष पर कई प्रमुख कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को हुई थी. सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में झांसी में विजयादशमी उत्सव, प्रबुद्ध जन गोष्ठियां, हिंदू सम्मेलन, युवा कार्यक्रम और नई शाखाओं के आयोजन जैसे कार्यक्रम निरंतर चल रहे हैं.
600 टोलियां झांसी के क्षेत्रों और गांवों में सक्रिय
RSS के झांसी महानगर प्रचार प्रमुख के अनुसार गृह संपर्क अभियान को सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना गया है. इसके लिए झांसी के छत्रसाल, वासुदेव, छावनी, दीनदयाल, माधव, सीपरी, शिवाजी, सारन्ध्रा, बबीना, विश्वकर्मा और दुर्ग क्षेत्र समेत सभी प्रमुख बस्तियों में 600 से अधिक टोलियां पहुंच रही हैं. बबीना खंड के गांवों में भी अभियान प्रभावी रूप से जारी है.
परिवारों से संवाद और संघ की 100 साल की यात्रा का परिचय
स्वयंसेवक परिवारों से घर-घर जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं और उन्हें संघ की 100 वर्ष की यात्रा, मूल्यों, सिद्धांतों और राष्ट्र निर्माण की सोच को विस्तार से समझा रहे हैं. साथ ही समाजहित में चल रहे संघ के सेवा कार्यों की जानकारी भी दी जा रही है.
हर परिवार तक राष्ट्रवादी विचार पहुंचाने का लक्ष्य
अभियान का लक्ष्य झांसी के हर परिवार तक संघ की राष्ट्रवादी संवेदनाओं और सामाजिक समरसता के सिद्धांतों को पहुंचाना है. संघ का मानना है कि इस प्रयास से अधिक से अधिक परिवार संगठन से जुड़ेंगे और समाजहित के कार्यों में योगदान देंगे.

