संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन झांसी-टहरौली क्षेत्र के सांसद अनुराग शर्मा ने क्षेत्र की लंबे समय से लंबित समस्या को जोरदार तरीके से सदन में रखा. उन्होंने मांग की कि केन-बेतवा लिंक परियोजना का पानी टहरौली क्षेत्र के 53 असिंचित गांवों तक पहुंचाया जाए.
कम बारिश और सिंचाई व्यवस्था की कमी से प्रभावित खेती
सांसद शर्मा ने बताया कि इन गांवों में सिंचाई की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण हर वर्ष रबी की फसल की बुवाई प्रभावित होती है. पर्याप्त पानी न मिलने से कृषि उत्पादन कम रह जाता है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. इसी मुद्दे को सांसद ने दूसरी बार संसद में उठाया है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना से लाखों लोगों को लाभ
केन-बेतवा लिंक देश की बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं में से एक है. इस योजना से मध्य प्रदेश के 10 जिलों और उत्तर प्रदेश के 4 जिलों की करीब 1,62,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होने की उम्मीद है. परियोजना से लगभग 62 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.
टहरौली के 53 गांवों को मिलेगा जीवनदायी जल
यदि लिंक नहर को टहरौली क्षेत्र तक बढ़ाया गया, तो यहां की करीब सवा लाख आबादी को राहत मिलेगी. टहरौली किला, टहरौली खास, कुमरिया, गढ़ी करगांव, घुरैया, बिजना, गाता, रनयारा, धबारी, दुरबई, टोडी फतेहपुर, बघेरा, लौंडी, भदोखर, बकायन, नोटा, हाटी, खजराहा, घांघरि सहित 53 गांव सीधे लाभान्वित होंगे.
स्थानीय नेताओं और जनता का मिल रहा समर्थन
इससे पहले भी राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा और सामाजिक कार्यकर्ता आशीष उपाध्याय क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मुहिम में लगे रहे हैं. सांसद की इस मांग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों गुड्डी रानी पटेल, रजनी गौतम, अवध बिहारी प्रधान गाता, रविंद्र कुमार सोनी, रिंकू दीक्षित, संजीव बिरथरे, रामेश्वर शर्मा, संजीव जैन, जनक पटेल, गुलाब पटेल, विनोद पटेल और रोहित पटेल सहित जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है.
सांसद ने संसद में उठाई पानी की मांग: टहरौली के 53 असिंचित गांवों को केन-बेतवा लिंक से जोड़ने की अपील
