झांसी: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्चुरी में महिला के शव के साथ हुई लापरवाही का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. घटना के उजागर होते ही कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए सुपरवाइजर पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया है. वहीं सेकंड सुपरवाइजर आशीष का वेतन रोक दिया गया है और आउटसोर्स कर्मी मुकेश की सेवा समाप्त कर दी गई है. नर्सिंग स्टाफ अवीस कुमार से भी जवाब तलब किया गया है. पूरे मामले की जांच जारी है.
क्या था मामला?
जानकारी के अनुसार, गुरसराय थाना क्षेत्र के सिहरबो गांव की रहने वाली 26 वर्षीय क्रांति देवी ने घरेलू कलह के चलते मायके में जहरीला पदार्थ खा लिया था. तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे गुरसराय सीएचसी ले गए, जहां से उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई. क्रांति की कोई संतान नहीं थी.
परिजनों ने आरोप लगाया है कि मॉर्चुरी में शव रखने के लिए तैनात कर्मचारी ने उनसे 400 रुपये लिए थे. उन्होंने बताया कि बहन के शव को फ्रीजर में रखा गया था. शनिवार को लगभग 18 घंटे बाद जब परिजन शव लेने पहुंचे और फ्रीजर खोला गया तो शव को देखकर सभी दंग रह गए. चूहों ने मृतका की आंख, कान और हाथ को कुतर दिया था. शरीर पर कई स्थानों पर घाव थे. इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया तो मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा.
लापरवाही पर हुआ एक्शन
घटना की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने लापरवाही बरतने वालों पर तत्काल एक्शन लिया है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने बताया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है. साथ ही सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मॉर्चुरी में शव की सुरक्षा में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल मॉर्चुरी की पूरी सफाई करा दी गई है. यह घटना एक बार फिर मॉर्चुरी सिस्टम की लापरवाही और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
शव क्षतिग्रस्त मामले में मेडिकल कॉलेज के 4 कर्मचारियों पर गिरी गाज
