भारत के कई राज्यों और शहरों में हाल के वर्षों में पिटबुल नस्ल के कुत्तों पर प्रतिबंध या कड़े नियम लागू किए गए हैं. लगातार बढ़ते हमलों, गंभीर चोटों और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए प्रशासनिक निकायों ने यह कदम उठाया है.
किन राज्यों व शहरों में पाबंदी
1. उत्तर प्रदेश
कानपुर: नगर निगम ने पिटबुल और रॉटवेलर रखने पर पूरी तरह रोक लगाई है.
गाज़ियाबाद व नोएडा: दोनों शहरों में पिटबुल को पालतू रूप में रखने की अनुमति नहीं है.
2. हरियाणा
पंचकूला: यहाँ पिटबुल और रॉटवेलर पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है.
3. चंडीगढ़
प्रशासन ने पिटबुल, रॉटवेलर सहित 6 आक्रामक नस्लों के नए पंजीकरण पर रोक लगा दी है.
4. तमिलनाडु
राज्य सरकार ने पिटबुल को 23 खतरनाक नस्लों की सूची में शामिल कर breeding, sale और ownership पर रोक लगाई है.
5. गोवा
गोवा सरकार ने भी हाल ही में पिटबुल और रॉटवेलर पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है.
पाबंदी के पीछे मुख्य कारण
आक्रामक व्यवहार: कई मामलों में पिटबुल के हमले गंभीर चोट और कभी-कभी जानलेवा भी सिद्ध हुए हैं.
अनुचित पालन: बिना training, exercise और सही देखभाल के ये नस्लें जल्दी तनावग्रस्त हो जाती हैं.
पब्लिक सेफ्टी: घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इन कुत्तों से खतरा अधिक बढ़ जाता है.
अनियंत्रित breeding: कई जगह बिना लाइसेंस के इनका व्यापार तेज़ी से बढ़ा, जिसे रोकना जरूरी था.
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
केंद्र सरकार ने भी 23 खतरनाक नस्लों की सूची जारी की जिसमें पिटबुल शामिल है.
कई नगर निगमों ने इन नस्लों को पंजीकृत कराने पर रोक और नियम उल्लंघन पर जुर्माने भी तय किए हैं.
भारत के अलग-अलग राज्यों में पिटबुल पर लगाई गई पाबंदी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और पशु कल्याण को संतुलित रखना है. प्रशासनिक निकाय मानते हैं कि यह नस्ल भारतीय घरेलू वातावरण और घनी आबादी वाले शहरों के लिए उपयुक्त नहीं है.

