जालौन: कानपुर नेशनल हाईवे पर मंगलवार को दवाओं से भरे कंटेनर में लगी आग से हड़कंप मच गया. सिल्लीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से दवाओं के गत्ते लेकर मुंबई जा रहा कंटेनर जब आटा टोल प्लाजा के पास पहुंचा, तभी चालक को पीछे से धुआं उठता दिखाई दिया. चालक अमित कुमार ने तुरंत वाहन रोककर बोगी खोली तो अंदर से घना धुआं और लपटें निकलने लगीं.
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग बुझाने के दौरान फायर कर्मियों ने कंटेनर से दवाओं के पैकेट और गत्ते बाहर निकालकर सड़क किनारे रखे ताकि लपटें न फैलें. हादसे में सिप्ला कंपनी की दवाओं की बड़ी खेप जलकर राख हो गई.
ट्रांसपोर्ट मैनेजर जगन्नाथ पवार के अनुसार, कंटेनर में करीब तीन करोड़ रुपये की दवाएं लदी थीं. फायर अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच में गत्तों के घर्षण से आग लगने की संभावना जताई जा रही है. फायर ब्रिगेड और पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया.
हाईवे पर दवाओं से लदा कंटेनर धू-धू कर जला, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टली बड़ी दुर्घटना
