जालौन: जालौन की एट कोतवाली में तैनात दरोगा अमित चतुर्वेदी पुलिस की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं. दरअसल पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि उनके साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर वह दरोगा के पास गए तो उन्होंने कार्यवाही करने की ज़गह उल्टा उन्हें ही धमकाया और कॉलर पकड़ ली. अब भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है.
क्या है मामला?
मामला एट कोतवाली के ग्राम वर्ध का बताया जा रहा है. यहां के रहने वाले कुणाल कुमार ने पत्रकारों को बताया कि 28 सितंबर को वह घर के दरवाजे पर बैठा हुआ था तभी गांव के ही रघुवीर सिंह पुत्र बाबूराम परिहार ट्रैक्टर लेकर आये और गाय को हटाने के लिए कहने लगे. इस पर पीड़ित ने कहा की वह यह बात आराम से भी कह सकता था. इसी बात पर वह झगड़ा करने लगा. तभी शोरगुल सुनकर पीड़ित की मां घर के बाहर आयी. तो उनके साथ मारपीट कर उसे जमीन पर पटक दिया. जातिसूचक गालियां दी और चला गया. थोड़ी देर बाद आरोपी अपने अपने पुत्रों निखिल व सुजीत के साथ आकर मारपीट करने लगे. इस पर उन्होंने डायल 112 पर कॉल लगाई. पुलिस आयी लेकिन उनकी एक न सुनी और थाने आने की बात कहकर चली गयी और कोई कार्यवाही नहीं की.
पुलिस की कार्यशैली पर भी सीधा सवाल
पीड़ित पक्ष ने एसपी से गुहार लगाई है कि उन्हें न्याय मिले. एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जो पुलिस की कार्यशैली पर भी सीधा सवाल खड़ा करते हैं. पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को परेशान कर रही है.
कॉलर पकड़ी, जबरन वीडियो डिलीट कराया
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब उन्होंने दरोगा की पक्षपातपूर्ण शैली विरोध किया तथा वीडियो बनाने की कोशिश की तो दरोगा ने उनकी कॉलर पकड़ी और मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी.
आरोपी के परिजन ने दी घर गिराने की धमकी
इस पूरे कालखण्ड के बाद आरोपियों के परिजनों में से एक रंजीत ने घर गिराने की धमकी दी. इस पर दोबारा दरोगा अमित चतुर्वेदी आये और पीड़ित पक्ष को ही थाने ले जाने लगे लेकिन जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो वे नहीं ले गए.

