अटेर का किला
घने बीहड़ और चंबल नदी किनारे 16वीं सदी का अटेर दुर्ग अपने शौर्य और स्थापत्य कला की कहानी बयां करता है. 1664 से 1668 में भदावर राजवंश के राजा बदन सिंह और महा सिंह ने अटेर किले का निर्माण करवाया. यह किला हिन्दू और मुगल स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है. कहते हैं महाभारत में जिस देवगिरि पहाड़ी का उल्लेख है, यह किला उसी पहाड़ी पर है. अटेर किले का मूल नाम देवगिरि दुर्ग है. किले के निर्माण के दौरान राजा ने यहां बहने वाली चंबल नदी की धारा को घुमवा दी थी. इससे यहां चंबल नदी अंग्रेजी के ‘यू’ सेप में बहती है.
अकेलगढ़ का किला
राजस्थान के कोटा शहर में चंबल नदी के किनारे स्थित अकेलगढ़ के किले को कोटा गढ़ या गढ़ महल के नाम से भी जाना जाता है.
चूलिया झरना
राजस्थान के राणा प्रताप बाँध के करीब चंबल नदी के रास्ते में मौजूद चूलिया झरना राजस्थान के मुख्य झरनो में से एक है. चुलिया के जल का प्रवाह भैंसरोड़गढ़ के समीप चंबल नदी के 5 किमी ऊर्ध्वप्रवाह दिशा में है. राणा प्रताप सागर बांध के डाउन स्ट्रीम में लगभग 1.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झरना ज़मीन से काफी नीचे है और बड़ी-बड़ी चट्टानों से घिरा हुआ है. झरने से गिरते पानी की आवाज़, चेहचहाते हुए पक्षी और आसपास की प्राक्रतिक सुंदरता आपको एक अद्भुत अकल्पनिय अनुभव देंगे.
चम्बल का सामाजिक जीवन और जनजातियां
चम्बल नदी के किनारें व्यवसायिक केंद्रों, अभ्यारणों, मंदिरों, पर्यटक स्थलों और विकसित शहरों के साथ कई आदिवासी जंतियों व जनजातियों को भी अपने अंदर समेटे हुए हैं, जिनमें सबसे मुख्य भगोरिया, भीलाला, बारेला, पटेलिया, सहरिया, गोंड, भील और बंजारा है. चंबल नदी के किनारों पर कई तरह की संस्कृति, प्रथा, सभ्यता, परम्परा और रीती-रिवाज फैले हुए हैं, जिसमें भगोरिया उत्सव को सबसे मुख्य माना जाता है. जैसा की नाम से ही समझ आता है, भगोरिया यानि भाग कर अपने लिए अपनी पसंद से जीवन साथ चुन लेना होता है. इस उत्सव में हज़ारों की संख्या में युवा-युवतियां सज-धजकर पारंपरिक वस्त्रों में प्यार, शादी, व्यापार, सामाजिक सद्भाव के अलग-अलग रूप देखने को शामिल होते हैं. भगोरिया हाट-बाजारों में युवक-युवती बेहद सज-धजकर अपने भावी जीवनसाथी को ढूंढ़ने आते हैं. इनमें आपसी रजामंदी जाहिर करने का तरीका भी बेहद निराला होता है. सबसे पहले लड़का लड़की को पान खाने के लिए देता है. यदि लड़की पान खा ले तो इसे समझा जाता है कि लड़की ने हां कर दी है. फिर लड़का लड़की को लेकर भगोरिया हाट से ही भाग जाता है और दोनों शादी कर लेते हैं. इसी तरह अगर युवक, युवती के गालों पर गुलाबी रंग लगा दे और जवाब में लड़की भी उसके गाल पर गुलाबी रंग लगा दे, तो भी यह रिश्ता तय माना जाता है. अभ्यारणों के अलावा चंबल नदी के किनारे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कई मंदिरों का निर्माण हुआ है,
इस किले के निर्माण के दौरान जब राजा ने घुमवा दी थी चंबल की धारा, रीति-रिवाज़ आदि, पार्ट 5
