झाँसी मेडिकल कॉलेज में बच्चा बदलने का आरोप, अचानक डिलीवरी से बाथरूम की सीट में फंस गया था

झाँसी: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ दिनों से नवजात बच्चे को बदलने के आरोपों को लेकर हंगामा मचा हुआ है. मामला मोंठ के आज़ाद नगर मोहल्ला निवासी रोहित रायकवार के परिवार से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ ने उनके नवजात बेटे को किसी दूसरी महिला को दे दिया है. 

परिवार का आरोप: “हमें लड़का बताया गया था, बाद में लड़की पकड़ा दी”
परिवार का दावा है कि प्रसव के बाद स्टाफ ने पहले बताया था कि लड़का हुआ है. लेकिन कुछ समय बाद कहा गया कि लड़की पैदा हुई है. इस विरोधाभास के बाद परिवार को संदेह हुआ कि उनका बच्चा बदल दिया गया है. 

हंगामा बढ़ने पर सीएमएस का दखल, डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया
विवाद बढ़ने पर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर मौके पर पहुंचे और डीएनए जांच कराने का आश्वासन दिया. मां और नवजात बच्ची के सैंपल ले लिए गए हैं। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है. 

पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार समझिए

बुआ ने बताया — बहू अकेली बाथरूम गई, वहीं अचानक डिलीवरी
बहू प्रसूता वार्ड में भर्ती थी. 6 दिसंबर की देर रात उसने कहा कि उसे बाथरूम जाना है और अकेले चली गई. बुआ के अनुसार, बहू को बाथरूम में अचानक प्रसव पीड़ा हुई और बच्चा वहीं पैदा हो गया. बच्चा सीट में फँस गया लेकिन बहू ने उसे निकाल लिया. 

बुआ ने बताया बच्चा सीट में फंस गया था

शोर सुनकर लोग इकठ्ठा हुए, किसी ने कहा “लड़की हुई है”
बहू के चिल्लाने पर अन्य मरीजों के परिजन मौके पर पहुंचे और भीड़ लग गई. किसी ने कहा कि लड़की हुई है, लेकिन परिवार का दावा है कि भीड़ के कारण वे बच्चे को ठीक से देख नहीं पाए. 

पिता रोहित का दावा — “पहले कहा लड़का हुआ है”
रोहित के अनुसार, डिलीवरी के बाद स्टाफ ने उसे चाय लेने के लिए भेज दिया. जब उसने पहले बच्चे को दिखाने को कहा, तो उसे बताया गया कि लड़का हुआ है. रोहित के मुताबिक, उसी समय उसे संतोष हुआ, लेकिन बाद में कहानी बदल दी गई. 

पिता ने कहा कि उसे बताया गया कि लड़का हुआ है

“स्टाफ ने बच्चे को किसी दूसरी महिला को दे दिया”
रोहित का कहना है कि बाद में स्टाफ ने बताया कि लड़की हुई है, जबकि पहले उन्हें लड़का बताया गया था. इसी वजह से परिवार का आरोप है कि उनका बच्चा किसी दूसरी महिला को दे दिया गया.  

पारिवारिक पृष्ठभूमि — पहले से तीन बच्चे
रोहित ने बताया कि उसने रीता से प्रेम विवाह किया था, और दोनों के पहले से तीन बच्चे हैं — दो बेटे और एक बेटी. परिवार का कहना है कि इस चौथे बच्चे के लिए एक ‘महाराज’ ने भी लड़का होने की भविष्यवाणी की थी, जिससे उनका विश्वास और मजबूत हो गया था. 

अस्पताल का पक्ष: “सभी आरोप झूठे, उस रात 6 डिलीवरी हुईं और सभी में बेटियां हुईं”

सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया:

6–7 दिसंबर की रात कुल 6 डिलीवरी हुईं और सभी में बेटियां पैदा हुईं

किसी भी महिला ने उस रात लड़का नहीं जन्मा

रीता का बच्चा प्री-मैच्योर है, जिसे NICU में भर्ती किया गया है

परिवार को गलतफहमी अल्ट्रासाउंड और ‘आशीर्वाद’ वाली बातों की वजह से हुई है 

CMS सचिन ने बताया कि आरोप झूठे हैं


अस्पताल का स्पष्ट बयान

बाथरूम में डिलीवरी का दावा गलत है 

डिलीवरी लेबर रूम में ही डॉक्टरों द्वारा कराई गई 

परिवार की संतुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है, ताकि यह साबित किया जा सके कि बच्चा उसी महिला का है 

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