जालौन: जिले में औषधि विभाग ने कोडीनयुक्त खांसी की दवा की अवैध बिक्री से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है. लखनऊ के M/S Idhika Lifesciences द्वारा अल्ट्रूफाइन केमिकल्स, उरई को लगभग 21,000 शीशियां PHENCYPIK-T Syrup (100 ml) की आपूर्ति किए जाने का मामला सामने आया. जांच में पाया गया कि इन दवाओं की खरीद और बिक्री के कोई प्रमाणिक अभिलेख मौजूद नहीं थे.
औषधि निरीक्षक डॉ. देवयानी दूबे ने बताया कि अल्ट्रूफाइन केमिकल्स के संचालक उमेश चतुर्वेदी ने दवा खरीद की बात तो मानी, परंतु संबंधित बिल और रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके. निरीक्षण के दौरान फर्म में दवा का कोई स्टॉक नहीं मिला और बाद में दिए गए दस्तावेज भी अधूरे पाए गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत फर्म के औषधीय कारोबार पर रोक लगा दी और सभी दस्तावेज एक दिन के भीतर प्रस्तुत करने का आदेश दिया. इसके बाद विभाग ने उन मेडिकल स्टोर्स की जांच की जिनके नाम पर अल्ट्रूफाइन केमिकल्स ने बिल जारी किए थे — मोर मेडिकल स्टोर, विवेक फार्मा, उल्फत मेडिकल और ललित मेडिकल स्टोर. सभी दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने ऐसी कोई दवा नहीं खरीदी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बिल फर्जी थे.
इस संबंध में उरई कोतवाली में BNS की धारा 318(4) और 278 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. विभाग ने कहा है कि कोडीनयुक्त दवाओं का गलत इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा था, जो जन-स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है.
जालौन में कोडीन सिरप घोटाला: फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़, औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई
