उरई विधायक गौरी शंकर वर्मा का फर्जी लेटरपैड इस्तेमाल कर डीआईजी पर दबाव बनाने का प्रयास, एफआईआर दर्ज

जालौन: लेन-देन से जुड़े एक निजी विवाद में पुलिस पर दबाव बनाने के लिए जालौन की उरई विधानसभा सीट से भाजपा विधायक गौरी शंकर वर्मा (Gaurishankar Verma) के फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी की सतर्कता और आंतरिक जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसके बाद आरोपी गुलफामुद्दीन, निवासी मुरादनगर (गाजियाबाद), के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीआईजी कलानिधि नैथानी को 23 जून 2025 को एक शिकायत पत्र मिला था, जो उरई के भाजपा विधायक गौरी शंकर वर्मा के लेटरपैड पर लिखा गया था. पत्र में गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी गुलफामुद्दीन की तरफ से सिफारिश की गई थी. शिकायतकर्ता, जिसने खुद को ‘सदस्य भाजपा उत्तर प्रदेश, एमएलसी जिला प्रतिनिधि गाजियाबाद’ बताया था. मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के खत्ता रोड निवासी उवैश पर तीन लाख 18 हजार 350 रुपये बकाया होने का दावा किया था और रुपये वापस न करने पर उवैश के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी. 

हालांकि, विधायक के नाम से आए इस पत्र पर डीआईजी नैथानी को कुछ संदेह हुआ. उन्होंने मामले की गहनता से जांच के लिए तुरंत एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को जिम्मेदारी सौंप दी. एसपी सिटी जून से ही इस मामले की गोपनीय जांच कर रहे थे. जांच के क्रम में, उन्होंने सीधे विधायक गौरी शंकर वर्मा से संपर्क कर पत्राचार किया. डीआईजी कार्यालय ने 26 जून को विधायक को पत्र भेजकर शिकायत की प्रामाणिकता की पुष्टि करनी चाही. 

विधायक गौरी शंकर वर्मा ने 27 अगस्त को डीआईजी को भेजे अपने जवाब में चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि डीआईजी कार्यालय को भेजा गया लेटरपैड और उस पर किए गए हस्ताक्षर पूरी तरह से फर्जी हैं. विधायक ने यह भी पुष्टि की कि वह न तो शिकायतकर्ता गुलफामुद्दीन को जानते हैं और न ही जिस उवैश के खिलाफ शिकायत की गई है, उससे उनका कोई परिचय है.

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट डीआईजी कलानिधि नैथानी को सौंप दी, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई. डीआईजी ने इस गंभीर जालसाजी को संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए. डीआईजी के निर्देश पर शुक्रवार, 26 नवंबर को ब्रह्मपुरी थाने में गुलफामुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम मुरादनगर रवाना कर दी है. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों पर दबाव बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की प्रवृत्ति को उजागर किया है. 

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