जालौन: युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट तंत्र पर आखिरकार शिकंजा कस गया. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की लखनऊ टीम ने जालौन के उरई में टीआरडी विभाग में संविदा भर्ती के नाम पर चल रहे कथित रिश्वतखोरी के खेल का भंडाफोड़ कर दिया. देर रात हुई इस कार्यवाही ने विभागीय गलियारों में सनसनी फैला दी है.
सूत्रों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग युवाओं से मोटी रकम की मांग कर रहे थे. बेरोजगारी की मार झेल रहे अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी. शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने गोपनीय जांच शुरू की और पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद जाल बिछाया. छापेमारी के दौरान एसएसई टीआरडी बीएस पाल को कथित रूप से रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया. वहीं डीईई टीआरडी शांतनु यादव और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा को भी हिरासत में लिया गया. कार्रवाई का नेतृत्व सीबीआई इंस्पेक्टर देवेश ने किया.
यह मामला सिर्फ तीन लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सड़ी हुई व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है जहां नौकरी पाने के लिए योग्यता नहीं, बल्कि जेब की मोटाई देखी जाती है. युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग अब और तेज हो गई है. सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और यदि अन्य अधिकारियों या बिचौलियों की संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा. यह कार्रवाई उन अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की किरण है जो ईमानदारी और मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं.
जालौन में भर्ती के नाम पर रिश्वत का खेल बेनकाब, सीबीआई की कार्यवाही से मचा हड़कंप
