जालौन: उत्तर प्रदेश में ब्राम्हण समाज का लगातार उत्पीड़न हो रहा है. हालात यह है कि कहीं पर हत्या कर दी जा रही है तो कहीं झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है. यही वजह है कि सरकार के प्रति समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. यह बात राष्ट्रीय ब्राम्हण एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक दीक्षित ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मुलाकात के दौरान कही. इस दौरान उन्होंने एक मांग पत्र भी सौंपा जिसमें ब्राम्हणों के हितार्थ सूबे में विप्र कल्याण बोर्ड बनाए जाने की मांग को प्रमुखता से रखा.
राष्ट्रीय ब्राम्हण एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक दीक्षित ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में ब्राम्हण उत्पीड़न के बढ़ते मामलों को लेकर हमारा संगठन चिंतित है. ब्राम्हणों के हितों की लड़ाई अब और तेज की जाएगी क्योंकि ब्राम्हणों का उत्पीड़न बर्दाश्त की सभी सीमाओं को पार कर चुका है. बीते दिवस सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से इसी संदर्भ में भेंट कर उन्हें प्रदेश में घटित घटनाओं की सिलसिलेवार जानकारी दी. बताया कि 2017 से लेकर अब तकरीबन 4000 हत्याएं हो चुकी है. खासबात तो यह है किसी घटना को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया. इसी के साथ ब्राम्हण उत्पीड़न को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाने की मांग करते हुए प्रदेश में समाज में फैले आक्रोश के संदर्भ में अवगत कराया. बताया कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से ब्राम्हणों में सूबे की सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है. यही स्थिति रही तो आने वाले समय में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. इसी के साथ ब्राम्हणों के हितार्थ सूबे में विप्र कल्याण बोर्ड स्थापित किए जाने की मांग की है. 
ब्राह्मणों की हत्याओं पर लगे लग़ाम: पं० अभिषेक दीक्षित
