जालौन: माधवगढ़ क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक शौचालय इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए इस शौचालय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दुकानदार, ग्राहक और राह चलते लोग भी इसके उपयोग से बच रहे हैं. शौचालय के अंदर और आसपास फैली गंदगी, जाम पड़ी नालियां और नियमित सफाई के अभाव ने इसे गंदगी का केंद्र बना दिया है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शौचालय से लगातार तेज दुर्गंध आती रहती है, जिससे आसपास की दुकानों में बैठना भी मुश्किल हो गया है. कई दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक बदबू के कारण उनकी दुकानों पर रुकने से कतराते हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है. वहीं राह चलते लोग मजबूरी में खुले में शौच करने को विवश हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में फिर से खुले में शौच की समस्या बढ़ने लगी है.
नगरवासियों का कहना है कि शौचालय का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन इसके रखरखाव और सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, न तो नियमित सफाई कर्मचारी आते हैं और न ही पानी की समुचित व्यवस्था है. इससे स्वच्छता अभियान की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने संबंधित विभाग और नगर पंचायत से मांग की है कि शौचालय की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो गंदगी और बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है.
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक माधवगढ़ के लोगों को एक स्वच्छ और सुरक्षित सार्वजनिक शौचालय की सुविधा मिल पाती है.
माधवगढ़ में सार्वजनिक शौचालय बना गंदगी का केंद्र, लोग उपयोग से कर रहे परहेज
