जालौन: महिला सिपाही द्वारा थाने से अचानक भाग जाने और कुछ ही मिनट बाद इंस्पेक्टर की गोली लगने से मौत होने का मामला अब कई परतों में उलझता दिख रहा है. सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे प्रकरण को और संदिग्ध बना दिया है.
घटना रात करीब 9 बजकर 15 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट के बीच की बताई जा रही है. सीसीटीवी में महिला सिपाही थाने कैंपस में प्रवेश करती दिखाई देती है. वह किसी से बात करते हुए सीधे इंस्पेक्टर के कमरे में जाती है. इसके ठीक कुछ मिनट बाद गोली चलने की आवाज आती है. इसी दौरान सीसीटीवी में महिला सिपाही घबराई हुई हालत में कमरे से बाहर निकलते और तेजी से भागते हुए दिखती है.
पीलीभीत में सिपाही पर दर्ज कराई थी FIR
जानकारी के अनुसार बदायूं में तैनात सिपाही मोहित खोखर ने बताया कि पीलीभीत में ड्यूटी के दौरान मीनााक्षी शर्मा और उनके बीच परिचय हुआ था. मीनााक्षी ने उस पर शादी का झांसा देकर धोखा देने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. मामला 2019 का है, उसी दौरान दोनों एक दूसरे को जानते थे. इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की पत्नी ने भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि उनके पति मानसिक रूप से बेहद मजबूत थे और आत्मघाती कदम उठाना उनके स्वभाव में नहीं था. उन्होंने साफ कहा कि वे इस घटना को हत्या मानती हैं. महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा ने कमरे में AC लगवा रखा था. आख़िर इतनी सुख-सुविधाएं एवं परिवार का भरण पोषण क्या केवल सैलरी से सम्भव है?

क्या है पुलिस की थ्योरी?
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि थाने पहुंचने से पहले महिला सिपाही ने इंस्पेक्टर को फोन कर धमकी दी थी. दोनों में तीखी बहस भी हुई. मीनााक्षी कुछ डिमांड लेकर थाने आई थीं. कमरे में पहुंचते ही इंस्पेक्टर असहज और परेशान नजर आए. गुस्से में उन्होंने खुद को गोली मार ली, ऐसा पुलिस का प्रारंभिक दावा है. हालांकि, महिला सिपाही के धमकी वाले फोन और उससे पहले की बहस को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है. जालौन एसपी दुर्गेश कुमार के अनुसार इंस्पेक्टर के गोली लगने की सूचना सबसे पहले महिला सिपाही ने दी थी. उसकी भूमिका भी संदिग्ध मानकर जांच जारी है. उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर पूछताछ शुरू हो चुकी है.

