जालौन में मां बनी जल्लाद. अपने ही 15 दिन के बच्चे को मार डाला

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया. गोहन थाना क्षेत्र के कासिमपुर गांव में एक मां ने अपने ही 15 दिन के मासूम बच्चे को तालाब में फेंककर उसकी जान ले ली. पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

यह घटना मंगलवार की दोपहर की है. आरती देवी नामक महिला का अपने पति कमल प्रताप राठौर से विवाद चल रहा था.  बताया जा रहा है कि वह बच्चे की देखभाल नहीं करना चाहती थी और पति से चल रही अनबन के कारण मानसिक तनाव में थी. जब पति ने बच्चे के खर्च और जिम्मेदारी को लेकर ताना मारा, तो गुस्से में आकर उसने जो कदम उठाया, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. 

गायब हुआ बच्चा, फिर मिला तालाब में शव
मंगलवार को आरती देवी ने बताया था कि जब वह खाना बना रही थी, तब चारपाई पर सोता हुआ बच्चा अचानक गायब हो गया. परिजनों ने पूरे गांव में तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला. अगले दिन बुधवार दोपहर को गांव के ही एक तालाब के कीचड़ में बच्चे का शव मिला. दृश्य इतना भयावह था कि मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं. सूचना मिलते ही गोहन थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. 

पिता ने लगाया पत्नी पर आरोप, पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा
मामले की जानकारी मिलने पर बच्चे के पिता कमल प्रताप राठौर, निवासी रूपापुर, मौके पर पहुंचे और पत्नी आरती देवी पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि आरती ने गुस्से में आकर अपने ही बच्चे की हत्या की है. मामले की जानकारी मिलने पर बच्चे के पिता कमल प्रताप राठौर, निवासी रूपापुर, मौके पर पहुंचे और पत्नी आरती देवी पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि आरती ने गुस्से में आकर अपने ही बच्चे की हत्या की है. 

जब सख्ती से पूछताछ की तो आरती देवी टूट गई और उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. उसने बताया कि पति से चल रहे विवाद और बच्चे की सेवा न करने की इच्छा के कारण उसने बच्चे को तालाब में फेंक दिया. साथ ही यह भी स्वीकार किया कि वह अपने पति को इस मामले में फंसाना चाहती थी. थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि आरोपी आरती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

समाज को झकझोर देने वाली घटना
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—कैसे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव कभी-कभी एक मां को भी अमानवीय बना सकता है. गांव में इस घटना के बाद माताओं की आंखें नम हैं और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर कोई मां इतना क्रूर कैसे हो सकती है?

About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *