जालौन: जिले की पचोखरा वन रेंज में पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली तस्वीर सामने आई है. नगर कोटरा के पास स्थित जंगल क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की जा रही है. आरोप है कि इस अवैध गतिविधि में लकड़ी माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं और उन्हें स्थानीय वन रेंज अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है. इसी वजह से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में हरे पेड़ और पौधे काटे जा रहे हैं. यह कटान केवल रात के अंधेरे में ही नहीं, बल्कि दिनदहाड़े खुलेआम किया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि कटे हुए पेड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए जंगल से बाहर ले जाया जाता है और किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं होती.
अवैध रूप से काटी गई लकड़ी को ऊंचे दामों पर बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे लकड़ी माफिया भारी मुनाफा कमा रहे हैं. आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी इस पूरे खेल में मिलीभगत कर रहे हैं. यही कारण है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध कटान पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है. परिणामस्वरूप जंगल का बड़ा हिस्सा साफ हो चुका है और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है.
इस मामले में जब डीएफओ प्रदीप यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब देखना होगा कि वन विभाग इस अवैध कटाई पर कब और कितना प्रभावी कदम उठाता है.
दिनदहाड़े पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे माफ़िया, प्रशासन मौन
