जालौन: जालौन में शनिवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के औचक निरीक्षण के दौरान नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां सामने आईं. निरीक्षण में कई पटलों पर रिकॉर्ड अद्यतन नहीं मिला, जिसके बाद डीएम ने दो लिपिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और अधिशासी अधिकारी (EO) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश जारी किए.
मानचित्र पटल की जांच में पता चला कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 के लगभग 40 आवेदन बिना निस्तारण के लटक रहे थे. रजिस्टर में इन आवेदनों की स्वीकृति या निरस्तीकरण से जुड़ी कोई स्पष्ट प्रविष्टि भी दर्ज नहीं थी. इस स्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम ने लिपिक कमलेश त्रिपाठी और सुलेखा पटेल पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए.
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पटल पर भी बड़े स्तर की गड़बड़ी मिली. यहां 70 आवेदन लंबित पाए गए. जिलाधिकारी ने संबंधित प्रभारी को तत्काल सभी आवेदन निस्तारित करने और जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
अधिशासी अधिकारी सुशील दोहरे की कमजोर पर्यवेक्षण क्षमता पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि नगर पालिका सीधे जनता की बुनियादी सेवाओं से जुड़ी संवेदनशील इकाई है. जन्म प्रमाणपत्र, मानचित्र या नामांतरण जैसे सामान्य कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
डीएम पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि सभी पटलों पर रिकॉर्ड अद्यतन और पारदर्शी होना चाहिए. आवेदन से निस्तारण तक हर प्रक्रिया समयबद्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि जनसुविधाओं में लापरवाही करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी.
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल, EO सुशील दोहरे और नगर पालिका के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
जालौन नगरपालिका की लापरवाही उजागर, दो लिपिकों पर गिरी गाज
