जालौन: बुंदेलखंड के जालौन जिले में तैनात महिला कॉन्स्टेबल मीनाक्षी शर्मा का नाम एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. कुठौंद थाना क्षेत्र में 5 दिसंबर को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की आत्महत्या के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. अब यह पूरा मामला मीनाक्षी शर्मा की कथित दबंगई, अनुशासनहीनता और ब्लैकमेलिंग से जुड़ता हुआ नजर आ रहा है.
यूनिफॉर्म से दूरी, महंगे ब्रांड्स का शौक
थाने के कर्मचारी बताते हैं कि मीनाक्षी शर्मा अक्सर पुलिस की ड्रेस में ड्यूटी करने से बचती थीं. वह अधिकतर सिविल ड्रेस में ही थाने पहुँचती थीं और उनके महंगे फोन व ब्रांडेड पहनावे को लेकर भी चर्चा रहती थी. कई बार वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनके रुतबे और तेवर पर सवाल उठाए थे.
“दो मिनट में निपटा दूंगी” वाला अंदाज चर्चा में
पुलिस महकमे में यह बात खुलकर सामने आई है कि मीनाक्षी किसी भी अधिकारी के बोलने पर तीखे अंदाज में जवाब देती थीं. उनका एक कथन जो थानों में अक्सर चर्चा में रहता था, वह था, “तुम मुझे जानते नहीं, दो मिनट में निपटा दूंगी.” जेल ले जाते समय एक महिला कांस्टेबल को भी धमकी दी थी. इस तल्ख तेवर पर भी अब बारीकी से जांच हो रही है.
इंस्पेक्टर ने शिकायतें लिखकर भेजी थीं
मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, कोंच और कुठौंद में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने कई बार अधिकारियों को पत्र भेजकर मीनाक्षी के रवैये पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने स्पष्ट लिखा था कि वह ड्यूटी पर नहीं आतीं, अनुशासनहीनता करती हैं और थाने में दबाव बनाकर काम कराती हैं. भारी शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई.
SIT जांच में कई नई जानकारियां सामने
घटना के बाद विभाग हरकत में आया और मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. SIT ने उनके मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू की है. फोन डेटा से कई चौंकाने वाले संपर्क और बातचीत सामने आने का दावा किया जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि उनका नेटवर्क जालौन से पीलीभीत तक फैला हुआ था.
महिला सिपाही की लग्जरी लाइफ, “कहती थी दो मिनट में निपटा दूंगी, तुम मुझे जानते नहीं”
