थानेदार गोली कांड पढ़िए शुरू से महिला सिपाही के भागने तक

जालौन: इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं. शुक्रवार शाम वह थाने के पास आयोजित एक धार्मिक भंडारे में शामिल हुए, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया. इसके बाद रात करीब 9 बजे वह जालौनी माता मंदिर के पुजारी के घर आशीर्वाद देने पहुंचे और वहीं से अपने सरकारी आवास लौट आए.

करीब एक घंटे पहले शादी समारोह में गए थे

थाने पहुंचकर उन्होंने पत्नी से फोन पर बात की और बताया कि वह खाना खाकर आराम करने जा रहे हैं. बयान के अनुसार वह कुछ ही मिनटों बाद अपने कमरे में चले गए. लगभग 30 मिनट बाद सरकारी आवास से गोली चलने की तेज आवाज सुनाई दी.

फुटेज में दिखाई देता है कि ट्रैकसूट पहने एक महिला सिपाही थाने से भागते हुए बाहर निकलती है और चिल्लाते हुए कहती है कि साहब ने खुद को गोली मार ली है. इसके बाद वह फिर वहां से तेजी से दूर जाती दिखाई देती है.

ये वही महिला आरक्षी है जो इंस्पेक्टर के कमरे से भागकर निकली. ट्रैकसूट पहने है.

आवाज सुनकर अन्य पुलिसकर्मी कमरे की ओर दौड़े. अंदर इंस्पेक्टर राय खून से लथपथ हालत में बेड पर पड़े मिले. उन्हें तुरंत उरई अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर इलाज के बाद उनकी मौत हो गई. हादसे के तुरंत बाद फोरेंसिक टीम ने कमरे और थाने परिसर की जांच शुरू कर दी.

फुटेज सामने आने तथा परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद मामले की जांच और भी गंभीर हो गई है. पुलिस ने घटनास्थल, महिला सिपाही की गतिविधियों और फोन कॉल डिटेल्स की भी जांच शुरू कर दी है.

गोली लगने से पहले भंडारा कार्यक्रम में हुए थे शामिल

 

 

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