जालौन: जिले के कोंच थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की हत्या के मामले में पुलिस जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है. इस बहुचर्चित प्रकरण में पुलिस ने आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर हत्या का आरोप और मजबूत माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है. उस दिन जिला कारागार उरई में बंद आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को भी अदालत में पेश किया जाएगा. संभावना है कि उसी दिन सीजेएम कोर्ट में मामले से संबंधित आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है.
CCTV फुटेज से सामने आया घटनाक्रम
जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक फुटेज में आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को घटना के समय इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के सरकारी आवास में प्रवेश करते हुए देखा गया है. इसके कुछ समय बाद गोली चलने की घटना के पश्चात उसे वहां से बाहर निकलते हुए भी देखा गया. जांच अधिकारियों का मानना है कि यह फुटेज घटनास्थल पर आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि करता है और मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाए संदेह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई अहम तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के सिर में गोली लगने के साथ-साथ सिर पर एक और गहरी चोट का निशान पाया गया. इस तथ्य ने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोली लगने से पहले या बाद में सिर पर चोट कैसे लगी और घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं?
कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सर्विलांस भी जांच का हिस्सा
पुलिस ने जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सर्विलांस के माध्यम से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं. इन तकनीकी साक्ष्यों को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है. जांच अधिकारियों का कहना है कि इन साक्ष्यों से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को समझने में मदद मिली है. पुलिस का कहना है कि अभी विवेचना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आने वाले समय में कुछ अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं.
एसआईटी की निगरानी में हुई जांच
जालौन के पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के अनुसार इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. टीम की निगरानी में पूरे प्रकरण की गहन जांच की गई. वर्तमान में तैनात इंस्पेक्टर अजय पाठक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर अदालत में प्रस्तुत की है.
घटना की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 5 दिसंबर की रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की उनके सरकारी आवास पर गोली लगने से मौत हो गई थी. इस घटना के बाद से ही मामला चर्चा में बना हुआ था. घटना के समय आरोपी सिपाही मीनाक्षी शर्मा को आवास से बाहर निकलते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई थी. इसके बाद 6 दिसंबर को इंस्पेक्टर की पत्नी ने सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू की और अब चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई है.
जालौन इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्या*कांड: सिपाही के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, CCTV और CDR बने अहम सबूत
