जालौन: जिले में वायु प्रदूषण लगातार चिंता बढ़ा रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार जालौन का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 136 दर्ज किया गया है, जो “Unhealthy for Sensitive Groups” यानी संवेदनशील वर्गों के लिए अस्वस्थ श्रेणी में आता है. इस स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक मानी जाती है.
वायु गुणवत्ता मापने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था IQAir के अनुसार जालौन में सबसे प्रमुख प्रदूषक PM2.5 है, जिसकी मात्रा 50 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई. यह मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है. PM2.5 के सूक्ष्म कण फेफड़ों में गहराई तक जाकर सांस की बीमारियों, आंखों में जलन, खांसी और थकान जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण ठंडी हवाएं, कम तापमान, वाहनों से निकलने वाला धुआं, कूड़ा जलाना और निर्माण कार्य हैं. यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं.

अपने आसपास का AQI कैसे चेक करें?
आम लोग भी आसानी से अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए मोबाइल फोन में IQAir, AirVisual या SAFAR जैसे ऐप डाउनलोड किए जा सकते हैं. इसके अलावा गूगल पर “AQI near me” या “मेरे इलाके का AQI” सर्च करने पर भी तुरंत जानकारी मिल जाती है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर भी शहरवार AQI उपलब्ध रहता है.
बचाव के उपाय
प्रदूषण अधिक होने पर सुबह की सैर से बचें. मास्क का प्रयोग करें. बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकलने से रोकें. घर के अंदर स्वच्छ हवा बनाए रखने के लिए खिड़कियां सीमित समय के लिए खोलें. जालौन में बढ़ता वायु प्रदूषण प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए चेतावनी है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं.

