जालौन: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं. प्रदेश भर में गौशालाओं के निर्माण और संचालन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं. लेकिन जमीनी हकीकत कई जगह इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. ताजा मामला जालौन जिले के डकोर ब्लॉक के ग्राम अजनारी बड़ेरा का है, जहां सरकारी गौशाला में गाय मृत अवस्था में पड़ी मिली.
स्थानीय ग्रामीणों और हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने जब गौशाला का निरीक्षण किया तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक मिला. गौशाला परिसर में एक गाय की मौत हो चुकी थी और काफी समय बीत जाने के बावजूद उसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी. इससे साफ जाहिर होता है कि गौशाला के संचालन में भारी लापरवाही बरती जा रही है.
हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाते हुए प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि कागजों में गौशालाओं के लिए पर्याप्त बजट और सुविधाएं दिखाई जाती हैं, लेकिन धरातल पर गायों को न तो सही समय पर चारा मिल रहा है और न ही उपचार की समुचित व्यवस्था है. मृत गाय का गौशाला में पड़ा रहना इस बात का प्रमाण है कि जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती. यदि समय रहते गाय की देखरेख की जाती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी. यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है बल्कि गौवंश संरक्षण के दावों पर भी सवालिया निशान लगाती है. हिंदूवादी संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और गौवंश संरक्षण वास्तव में धरातल पर दिखाई दे.
जालौन के डकोर ब्लॉक में गौशाला की बदहाली उजागर, गौवंशों को कुत्ते नोंचकर खा रहे
