आटा टोल कर्मियों की गुंडई, पत्रकारों के साथ अभद्रता, ट्रक चालक के साथ की मारपीट

जालौन: राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित आटा टोल प्लाजा एक बार फिर कर्मचारियों की गुंडागर्दी के कारण चर्चा में है. आए दिन होने वाली ऐसी घटनाओं के बीच शुक्रवार को एक ट्रक चालक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की घटना ने टोल प्रबंधन की मनमानी को पूरी तरह उजागर कर दिया. मौके पर पहुंची पत्रकारों की टीम के साथ भी कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार किया, जिससे टोल विरोध का आंदोलन और तेज हो गया है. ट्रक चालक के साथ बदसलूकी, जाम ने बढ़ाई परेशानी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक चालक ने टोल कर्मचारियों से किसी मामूली बात को लेकर बहस शुरू की. बस इतना ही काफी था कि कर्मचारी भड़क उठे. उन्होंने एकजुट होकर चालक को गालियां दीं, धक्का-मुक्की की और बदतमीजी की हद पार कर दी.

पीड़ित चालक का कहना है, टोल कर्मचारी बिना वजह ज्यादा पैसे वसूलते हैं और विरोध करने पर धमकाते हैं. इसी दौरान टोल पर लंबा जाम लग गया. ट्रक, बसें और निजी वाहन कतारबद्ध खड़े रहे, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई यात्री गुस्से में उतर आए और टोल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.

महिला कर्मचारी बनीं ढाल
पत्रकारों पर अभद्रता घटना की सूचना मिलते ही मौके से गुजर रही स्थानीय पत्रकारों की टीम ने वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की.  लेकिन टोल कर्मचारियों ने उन पर भी हमला बोल दिया. उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कैमरा छीनने की कोशिश की. दिलचस्प बात यह रही कि टोल प्रबंधन ने एक महिला कर्मचारी को आगे कर दिया, ताकि कोई पुरुष कर्मचारी अभद्र भाषा न बोल सके. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया महिला कर्मचारी को ढाल बनाकर पुरुष कर्मचारी बचाव कर रहे थे, लेकिन उनकी दबंगई साफ दिख रही थी. महिला कर्मचारी ने भी पत्रकारों के साथ कठोर लहजे में बात की और वीडियो बनाने से रोका.

यात्रियों का गुस्सा, प्रशासन पर सवाल
टोल पर लगा जाम यात्रियों के लिए किसी आफत से कम नहीं था. एक यात्री ने कहा, यहां रोजाना ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन चुप बैठा है. टोल कर्मचारी खुद को कानून से ऊपर समझते हैं. स्थानीय निवासियों और ट्रक चालक संगठनों ने लंबे समय से टोल कर्मचारियों पर कार्रवाई और टोल मुक्त सड़क की मांग की है. उनका कहना है कि मनमानी वसूली और मारपीट अब आम बात हो गई है यह घटना टोल टैक्स प्रणाली के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश को रेखांकित करती है. 

About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *