जालौन: आधार कार्ड बनाने की जो फ्रेंचाइजी धर्मेंद्र सक्सेना ने अंडमान निकोबार में हासिल की थी. उससे जालौन के 38000 लोगों के आधार कार्ड बना डाले. इस बात की जानकारी जब अंडमान निकोबार बीएसएनएल के अधिकारियों को तब धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इस मामले में जालौन एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि धर्मेंद्र सक्सेना के खिलाफ जो रिपोर्ट अंडमान निकोबार में दर्ज कराई गई है. उसके मुताबिक उसकी फ्रेंचाइजी अंडमान क्षेत्र तक ही सीमित थी और वह जालौन क्षेत्र में आकर यहां के लोगों के आधार कार्ड बनाने लगा जो गलत था इससे उसे पर अंडमान निकोबार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. अब जानकारी करवा रहे हैं कि जिन 38000 लोगों के आधार कार्ड बने हैं वह कौन लोग हैं?
करीब साल भर पहले कालपी के छौंक ग्राम में 6 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी में भी इस जालसाज का नाम आया था और यह पकड़ा भी गया. इसके ऑपरेटर सचिन सिंह सहित 26 लोगों को जेल भेजा गया. लेकिन इसके प्रयासों के बाद इसे छोड़ दिया गया था. अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक जालौन को नये सिरे से जांच करने के निर्देश दिये हैं. संकेत मिले हैं कि पुलिस अधीक्षक द्वारा इसकी मदद करने वाले विवेचना अधिकारी पर भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल पुलिस हर मामले को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रही है.
फ्रॉड की दुनिया का बादशाह धर्मेंद्र सक्सेना. पढ़ें पूरी हिस्ट्री
