भैंसरोडगढ़ दुर्ग
भैंसरोड़गढ़ किला या भैंसरोड़ किला एक प्राचीन किला है. जो भारत के राजस्थान राज्य में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है. भैंसरोड़गढ़ 1741 से मेवाड़ राज्य की एक किलेबंद जागीर थी, जिसमें उस समय शक्तिशाली चित्तौड़गढ़ किला और 235 किलोमीटर दूर स्थित उदयपुर का शाही शहर भी शामिल था. किंवदंती है कि खिलजी वंश के बादशाह अलाउद्दीन खिलजी ने इस किले को बर्बाद कर दिया था. हालाँकि अब इस किले और इसमें स्थित भव्य महल को एक हैरिटेज होटल में बदल दिया गया है. आप यहाँ आएँ तो इस किले के निकट ही स्थित भैंसरोडगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में भी अवश्य जाएँ. वहाँ आपको बहुत से वन्यजीव व पक्षी दिख सकते हैं, जिनमें हिरण, गीदड़, चिंकारा, लोमड़ी, लकड़बग्घा, मृग, जंगली सूअर, कछुए, मगरमच्छ, हंस, काली तहेरी, लाल चोंच वाली बत्तख, राजबक, बाज, उल्लू और जलकाक शामिल हैं. इस अभयारण्य की अवस्थिति ठीक चंबल और ब्राह्मणी नदियों के संगम पर है, इसलिए आप यहाँ मीठे पानी की डॉल्फिन को चारों ओर तैरते हुए देखने का आनंद भी ले सकते हैं.
चंबल रिवर फ्रंट
कोटा शहर मे कोटा बैराज से नयापुरा पुलिया तक पौने तीन किमी की लंबाई मे चंबल नदी के दोनों तटो पर खूबसूरत चंबल चंबल रिवर फ्रंट विकसित किया गया है . चंबल रिवर फ्रंट भारत में विकसित पहला हेरिटेज रिवर फ्रंट है. इस रिवर फ्रंट के दोनों किनारों पर 26 घाटों का अलग-अलग थीम पर निर्माण करवाया गया है. चंबल रिवर फ्रंट पर बने वर्ल्ड हेरिटेज घाट पर विश्व के अलग-अलग देशों की 9 प्रसिद्ध इमारतें और वास्तुकलाओं को बनाया गया है. जिस तरह किशोर सागर तालाब के किनारे सेवन वंडर्स पार्क बनाया गया है, जहाँ पर देश-दुनिया के सात अजूबे बनाए गए हैं. उसी तर्ज पर रिवर फ्रंट के वर्ल्ड हेरिटेज घाट पर विश्व की नौ प्रसिद्ध इमारतों की कलाकृति का निर्माण किया गया है. करीब 240 मीटर क्षेत्र में एक के बाद एक कतार से यह वास्तुकलाएँ बनाई गई है, जिसमें भारत की शान लाल किला, गोपुरम् टैंपल, चाइनीज पगोड़ा, हिस्ट्री पार्क, वेस्ट मिंस्टर, टेवी फाउंटेन, वारम टैंपल, मास्क्यू और लॉवरे म्यूज़ियम देख सकते है . बार्सिलोना फाउंटेन की तर्ज पर यहां भी फाउंटेन बनाया गया है. यहाँ आने वाले पर्यटक रंग बिरंगी रोशनी और म्यूजिक के साथ फाउंटेन शो एंजॉय कर सकते है . इसके अलावा यहाँ पर देश का पहला एलईडी गार्डन भी बनाया गया है. यहाँ आने वाले लोगों को वास्तविक पेड़-पौधे पक्षियों की जगह एलईडी एलिमेंट दिखाई देंगे. रिवर फ्रंट के पूर्वी जोन में जोडियक घाट भी विकसित किये गए हैं जिसमें अलग-अलग राशि चक्र हैं.
चंबल गार्डन
चंबल नदी के तट पर निर्मित यह सुंदर तथा प्राकृतिक सुरम्य वातावरण का पार्क है. यह स्थानीय नगर निगम द्वारा संचालित है तथा बड़े ही आकर्षक ढंग से यह निर्मित है. आधुनिक शैली में बच्चों के लिए बनाए गए झूले, लक्ष्मण झूला, तथा प्रमुख रूप से चम्बल नदी पावर मोटर बोट की सैर खूब लुभाती है. पार्क के अंदर तथा बाहर खान पान की स्वादिष्ट स्टॉल्स उपलब्ध हैं.
आलनिया बांध
कोटा से झालावाड़ मार्ग पर लगभग 20 कि.मी. की दूरी पर आलनियां नदी के किनारे बनीं चट्टानों पर प्रागैतिहासिक काल की गुफाएं तथा रॉक पेंटिंग्स बनी हुई हैं. रॉक पेंटिंग्स पर शोध करने वाले तथा इस क्षेत्र में रूचि रखने वाले पर्यटक इस स्थल को देखने अवश्य आते हैं.
राजस्थान तक फ़ैले चम्बल के दुर्ग, रिवर फ्रंट. जहां रहती हैं मीठे पानी की डॉलफिन, पार्ट 4
