किसान का बेटा बना IPS, जालौन के शैलेश की UPSC में सफलता से गांव हुआ गौरवान्वित

जालौन: जिले के एक छोटे से गांव से निकली संघर्ष और उम्मीद की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. साधारण किसान परिवार में जन्मे शैलेश ने अपनी मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादों के दम पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है.

जालौन के डकोर ब्लॉक के चिल्ली गांव के रहने वाले 22 वर्षीय शैलेश ने UPSC परीक्षा में 877वीं रैंक प्राप्त की है. इस रैंक के साथ उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ है. जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई. लोग उनके घर पहुंचकर परिवार को बधाई देने लगे और मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया.
शैलेश एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता रामबाबू के पास करीब सात बीघा कृषि भूमि है, जिस पर खेती कर वे परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनकी माता केशकली गृहिणी हैं. परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं. बड़े भाई कोमेश और बहन शिवानी भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.

शैलेश की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही जूनियर विद्यालय से शुरू हुई. इसके बाद उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई सरस्वती ज्ञान मंदिर उरई से पूरी की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दयानंद वैदिक महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. स्नातक के बाद शैलेश अपने सपनों को साकार करने के लिए दिल्ली चले गए. वहां उन्होंने पूरी मेहनत के साथ UPSC की तैयारी शुरू की. पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. दूसरे प्रयास में उन्होंने अपनी मेहनत और धैर्य के दम पर यह मुकाम हासिल कर लिया.

आज शैलेश की सफलता यह साबित करती है कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े साधनों की जरूरत नहीं होती. यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो गांव की मिट्टी से उठकर भी देश की सबसे बड़ी सेवाओं तक पहुंचा जा सकता है.

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