जालौन: उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गढ़र निवासी भगवान सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक के पुत्र जीतू सिंह ने अपने चचेरे भाइयों पर आग में झुलसाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है.
घटना का पूरा घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार, भगवान सिंह बीते 21 दिसंबर की शाम ग्राम वीरपुरा निवासी अपने भांजों बबलू और हरिसिंह के साथ उनके गांव गए थे. वहां खेत में मटर की फली तोड़ी जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान तीनों ने शराब का सेवन किया और बाद में आग तापने लगे. इसी दौरान भगवान सिंह आग में गिर गए, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए. आरोप है कि उन्हें जानबूझकर आग में धकेला गया, हालांकि इस पर अभी पुलिस जांच कर रही है.
इलाज के दौरान मौत
घटना के बाद भांजे भगवान सिंह को उनके घर ले आए. हालत गंभीर होने पर उनके पुत्र जीतू सिंह उन्हें मेडिकल कॉलेज उरई लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने झांसी रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन उन्हें ग्वालियर और सैफई मेडिकल कॉलेज भी ले गए. लंबे इलाज के बाद शनिवार को उन्हें घर लाया गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई.
पुत्र ने लगाया हत्या का आरोप
मौत के बाद पुत्र जीतू सिंह ने पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि उनके पिता को बबलू और हरिसिंह ने जानबूझकर आग में झोंका, जिससे उनकी मृत्यु हुई. उन्होंने मामले को हत्या मानते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस का बयान
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के पुत्र की तहरीर प्राप्त हो गई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
पिता को जानबूझकर आग में धकेला, पुत्र ने लगाया ह*त्या का आरोप
