बनारस : आईआईटी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय गैंगरेप मामला समय के साथ-साथ तूल पकड़ता हुआ नज़र आ रहा है. मंगलवार की शाम को अजय राय के नेतृत्व में सभी कांग्रेसी नेता इस घटना के विरोध में पीएमओ का घेराव करने जा रहे थे. पुलिस ने पहले ही काफ़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतज़ाम किया था ताकि माहौल न बिगड़े. प्रशासन ने इसके लिए 5 जगहों पर बैरिकेडिंग लगाई थी. संख्या ज्यादा होने के कारण कांग्रेसियों ने पहली बैरिकेडिंग तोड़ दी. जैसे ही वे दूसरी वैरिकेडिंग की तरफ़ बढ़े पुलिस ने उन्हें रोक लिया. इस दौरान प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी उनकी धक्का मुक्की हुई. जब कांग्रेस के नेताओं को आगे बढ़ने नहीं दिया गया तो वे वहीं सड़क पर बैठ गए और “रघुपति राघव राजा राम” के भजन का जाप करने लगे. क़रीब 1 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस को उन्हें शांत कराने के लिए काफ़ी मशक्क़त करनी पड़ी और अंत में वे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर चले गए.
वाराणसी में बीजेपी की आईटी-सेल से जुड़े हैं तीनों आरोपी
आपको बता दें कि तीनों आरोपी बनारस में भाजपा की आईटी-सेल के कार्यकर्ता हैं. पहला आरोपी कुणाल पांडेय जो कि वाराणसी महानगर का संयोजक है. दूसरा आरोपी सक्षम पटेल जो कि वाराणसी महानगर का सह संयोजक है. तीसरा आरोपी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान वाराणसी आईटी-सेल का वाराणसी महानगर कार्यसमिति सदस्य है. तीनों आरोपियों की फ़ोटो भाजपा के शीर्ष नेताओं जैसे जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक आदि नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहीं हैं. हालांकि अभी भाजपा की ओर से किसी भी प्रकार का बयान जारी नहीं किया गया है.
सिलसिलेवार तरीक़े से समझते हैं पूरा घटनाक्रम
घटना 1 नवंबर की रात 1:30 बजे की है. छात्रा किसी ज़रूरी काम से हॉस्टल से बाहर निकली थी. रास्ते मे उसका एक दोस्त भी मिल गया. तभी कर्मन बाबा मंदिर के पास तीन युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और उन्होंने दोनों को रुकने को कहा. उनमें से एक छात्रा का मुंह दबाकर कोने में ले गया फ़िर उसके बाद गन पॉइंट पर छात्रा के कपड़े उतरवाए और वीडियो बनाया और उसके बाद तीनों ने गैंगरेप किया. घटना घटित होने के बाद छात्रा पास में ही एक प्रोफ़ेसर के घर मे घुस गई. मामले को समझते हुए प्रोफ़ेसर ने छात्रा को हॉस्टल के गेट तक छोड़ा. फ़िर उसके बाद एक राहुल नाम के युवक ने पेट्रोलिंग गार्ड को इस घटना की जानकारी दी. छात्रा ने गार्ड को बताया कि तीनों आरोपियों में से एक पतला, दूसरा मोटा और तीसरा मीडियम साइज का था.अब आता है 2 नवंबर 2023 घटना की जानकारी मिलते ही भारी विरोध प्रदर्शन होता है एवं मामले की एफआईआर दर्ज की जाती है. अश्वासन के 11 घंटे बाद भी प्रदर्शन जारी रहता है तथा इसी बीच लंका थाने के SHO को लाइन हाज़िर कर दिया जाता है. 3 नवंबर को यूनिवर्सिटी में दीवार खड़ी करने को लेकर बहस छिड़ती है. यानि वहां का प्रबंधन चाहता था कि कैंपस का बंटवारा हो लेकिन छात्र इससे असंतुष्ट थे. 4 नवंबर को उसी ज़गह पर एक और छेड़छाड़ की घटना घटित हो जाती जिसकी जानकारी वहाँ के छात्र प्रणव के द्वारा दी जाती लेकिन छात्रा जिसके साथ यह घटना घटित होती है वो किसी भी प्रकार से शिकायत दर्ज नहीं करवाती है. 5 नवंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति एवं प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ दीवार वाले मुद्दे को लेकर बैठक होती है. 6 नवंबर को कैंपस बंटवारे को लेकर छात्र संगठन ABVP और AISA-BCM के छात्रों के साथ जमकर मारपीट होती है जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. 7 नवंबर को BHU के स्टूडेंट पार्लियामेंट ने कहा कि पुलिस दबाब बनाकर पीड़ित का बयान बदलवाने की कोशिश कर रही है. 8 नवंबर को पीड़िता को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी होती है.पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज कराया जाता है एवं गैंगरेप की धारा 376डी जोड़ी जाती है. फ़िर इसके तुरंत बाद ही यूनिवर्सिटी के 6000 से भी अधिक छात्रों ने जस्टिस रैली निकाली.
कुछ दिनों तक इस मामले की जांच चलती रही एवं 30 दिसम्बर को तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया एवं वह बाइक भी बरामद कर ली गयी जिससे वो आये थे.
IIT-BHU गैंगरेप : घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों की पुलिस से झड़प, बैरिकेडिंग तोड़ी
