हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सदर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई विवादों में आ गई है। आरोप है कि पुलिस जिस व्यक्ति की तलाश में वारंट लेकर पहुंची थी, उसकी जगह उसी नाम के दूसरे युवक को हिरासत में ले आई। परिजनों का कहना है कि थाने में युवक के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसकी तबीयत गंभीर हो गई। फिलहाल युवक का इलाज कानपुर में चल रहा है।
वारंटी की तलाश में पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम पुलिस मेरापुर क्षेत्र में वर्ष 2018 के एक मामले में वांछित शिवराज नामक वारंटी को गिरफ्तार करने गई थी। इसी दौरान पुलिस कथित तौर पर उसी नाम के दूसरे युवक शिवराज सिंह को पकड़कर सदर कोतवाली ले आई। परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस को बताया था कि जिस व्यक्ति की तलाश की जा रही है, वह कोई और है। इसके बावजूद पुलिस युवक को अपने साथ ले गई।
हिरासत के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों का आरोप है कि थाने में युवक के साथ मारपीट की गई। कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कानपुर के लिए रेफर कर दिया।
डॉक्टर ने चोटों की पुष्टि की
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार युवक के सिर, चेहरे और छाती पर चोट के निशान मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मामला शारीरिक हमले से जुड़ा प्रतीत होता है। बेहतर इलाज के लिए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।
पीड़ित और परिवार ने लगाए आरोप
घायल शिवराज सिंह का कहना है कि उसे बिना किसी गलती के थाने लाया गया, जहां पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। वहीं उसकी बहन रूपा ने आरोप लगाया कि पुलिस पहले उनके घर पहुंची और वारंट होने की बात कही। परिवार ने पुलिस को समझाने की कोशिश की कि उनका भाई वह व्यक्ति नहीं है जिसकी तलाश की जा रही है। बाद में पुलिस ने भी गलत व्यक्ति को पकड़ने की बात स्वीकार की, लेकिन तब तक उसके भाई की हालत बिगड़ चुकी थी।
पुलिस का पक्ष
सदर कोतवाली प्रभारी राम आसरे सरोज ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वारंट वाले व्यक्ति की जगह गलती से उसी इलाके के दूसरे शिवराज को हिरासत में लाया गया था। थाना प्रभारी के अनुसार सही जानकारी मिलने पर युवक ने थाने में हंगामा किया। उन्होंने यह भी कहा कि पकड़े गए युवक के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि युवक की चोटें किन परिस्थितियों में आईं और पुलिस कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि हुई या नहीं।
हमीरपुर में वारंटी की जगह हमनाम युवक को पकड़ने का आरोप, पुलिस हिरासत के बाद बिगड़ी हालत, कानपुर रेफर
