ललितपुर: जिले के ग्राम बीघा महर्रा में एक विवाद ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सहरिया समुदाय की महिलाओं ने प्रदेश सरकार के एक राज्यमंत्री की पुत्री पर जमीन कब्जाने और आगजनी कराने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 16 जून की सुबह राज्यमंत्री की दो बेटियां कुछ अन्य लोगों के साथ गांव पहुंचीं और कथित रूप से जमीन तथा मकानों पर कब्जा करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने पर अभद्रता की गई और तनावपूर्ण माहौल बन गया। आरोप यह भी है कि इसी दौरान एक सहरिया परिवार के छप्परनुमा मकान में आग लग गई, जिससे नुकसान हुआ।
घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रभावित परिवारों ने प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पाली क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महेंद्र आदिवासी नामक ग्रामीण की शिकायत पर कोतवाली सदर में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में आग लगने की बात कही गई है, लेकिन शिकायतकर्ता ने किसी व्यक्ति को आग लगाते हुए देखने की पुष्टि नहीं की है। इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि राज्यमंत्री की पुत्री सीमा कोरी अपनी निजी भूमि पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थीं। बताया जा रहा है कि जिस स्थान को लेकर विवाद हुआ, वहां से कुछ ग्रामीण लंबे समय से आवागमन करते रहे हैं। ऐसे में जमीन और रास्ते को लेकर विवाद की स्थिति भी जांच के दायरे में है। इस बीच घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें कुछ लोग आगजनी के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर सभी पहलुओं की जांच में जुटे हैं।
ललितपुर में राज्यमंत्री की पुत्री पर जमीन कब्जाने और आगजनी के आरोप
