योगी ने बुंदेलखंड के लिए मांगा AIIMS, इस ज़िले में…

बुंदेलखंड: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास का खाका प्रस्तुत करते हुए बुंदेलखंड के लिए विशेष मांगें केंद्र सरकार के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, तकनीक और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नई संस्थागत व्यवस्थाओं की आवश्यकता है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग दोहराई। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रोबोटिक्स क्लस्टर का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग आवश्यक है।

आपदा प्रबंधन के लिए समर्पित सैटेलाइट की मांग
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश हेतु एक समर्पित सैटेलाइट उपलब्ध कराने की मांग भी की। उनका तर्क था कि समय रहते सटीक चेतावनी मिलने से जन-धन की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है और राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आयुष्मान भारत योजना के विस्तार, समग्र शिक्षा अभियान तथा सैटेलाइट आधारित तकनीकी सुविधाओं से जुड़े विषयों को भी बैठक में प्रमुखता से रखा। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

बुंदेलखंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मांग?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुंदेलखंड में एम्स जैसी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संस्था स्थापित होती है तो इससे क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव आ सकता है। साथ ही चिकित्सा शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होने की संभावना है।

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