हमीरपुर जनपद के राठ कस्बे में स्वामी ब्रह्मानंद विश्वविद्यालय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रकांता राजपूत और उनके परिजनों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak के राठ दौरे से पहले की गई।
जानकारी के अनुसार, चंद्रकांता राजपूत के साथ उनके पति शिवरतन सिंह और बड़े भाई केशव प्रसाद लोधी को भी देर रात पुलिस निगरानी में घर में ही रोक दिया गया। चंद्रकांता राजपूत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात करीब 1 बजे से ही उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया था, ताकि वे अपनी मांग शासन और प्रशासन तक न पहुंचा सकें।

उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री या प्रदेश के बड़े नेता क्षेत्र में आते हैं, तब उन्हें ज्ञापन तक नहीं सौंपने दिया जाता। उनका कहना है कि उनका आंदोलन बुंदेलखंड के विद्यार्थियों के भविष्य, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय अधिकारों के लिए है।
चंद्रकांता राजपूत ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय की मांग उठाना अपराध माना जाएगा, तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज को दबाया जा सकता है, लेकिन उनके संघर्ष को रोका नहीं जा सकता।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि बुंदेलखंड में उच्च शिक्षा संस्थानों की मांग लंबे समय से उठती रही है और इसे दबाने के बजाय गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

