पन्ना: जिले में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। अजयगढ़ क्षेत्र के बीहरपुरवा गांव में निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे उसमें काम कर रहे 5 मजदूर जिंदा दब गए। हादसे में सभी मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, यह कुएं की खुदाई विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत कराई जा रही थी। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। मृतकों की पहचान आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है। इनमें से चार मजदूर एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।
पानी पीने बाहर निकले दो मजदूर, पीछे से भरभराकर ढह गई मिट्टी
ग्रामीणों के मुताबिक, बीहरपुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले 10 दिनों से कुएं की खुदाई का काम चल रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दो मजदूर पानी पीने के लिए कुएं से बाहर निकले थे। इसी दौरान अचानक गीली मिट्टी धंस गई और अंदर काम कर रहे पांच मजदूर मलबे में दब गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि करीब तीन घंटे तक कोई सरकारी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद जेसीबी मशीन मंगाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एक-एक कर सभी मजदूरों के शव बाहर निकाले गए।
परिजनों का आरोप- खतरे की जानकारी के बावजूद कराया गया काम
मृतक मजदूरों के परिजन राकेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस कुएं की खुदाई हो रही थी, वह पहले से ही कमजोर और खतरनाक स्थिति में था। पिछले साल की खुदाई और पानी भराव के कारण मिट्टी कट चुकी थी। मजदूर वहां काम करने से डर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि सरपंच को खतरे की पूरी जानकारी थी, लेकिन ज्यादा मजदूरी का लालच देकर मजदूरों को काम पर लगाया गया। सामान्य मजदूरी 350 रुपए थी, जिसे बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया था। राकेश यादव ने कहा कि अगर प्रशासन समय पर पहुंच जाता, तो शायद मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर पहुंचीं कलेक्टर, जांच के दिए निर्देश
घटना की जानकारी मिलने के बाद पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक
डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
150 रुपये के लालच ने कैसे ले ली 5 मजदूरों की जान?
