झांसी: आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े मामले ने अब पूरी तरह राजनीतिक रूप ले लिया है। हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई और स्थानीय नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। सट्टा नेटवर्क के खुलासे में राजनीतिक कनेक्शन सामने आने से जिले की सियासत गरमा गई है।
विधायक के आरोपों से तेज हुई कार्रवाई
सदर विधायक रवि शर्मा पिछले कुछ समय से शहर में सक्रिय सट्टा गिरोह के खिलाफ खुलकर बोल रहे थे। उनका कहना है कि आईपीएल सट्टेबाजी युवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर रही है और उन्हें गलत रास्ते पर धकेल रही है। विधायक ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बिना दबाव के इस तरह के नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होती।
पुलिस का एक्शन, कई गिरफ्तार
मामले के तूल पकड़ने के बाद झांसी पुलिस ने 26 अप्रैल को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में एक स्थानीय राजनीतिक पदाधिकारी का नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, डिजिटल सट्टा से जुड़े उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की।
कार्रवाई पर भी उठे सवाल
गिरफ्तारियों के बाद विधायक रवि शर्मा ने एक वीडियो जारी कर पुलिस की कार्रवाई को अधूरा बताया। उनका आरोप है कि छोटे स्तर पर काम करने वालों को पकड़कर मामले को सीमित किया जा रहा है, जबकि बड़े स्तर पर काम करने वाले सट्टा संचालक अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सट्टा चलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को एक बड़े सट्टा नेटवर्क की जानकारी मिली है, जिसका कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है। इस मामले में तीन और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि नौ अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। इनमें कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जो राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
संगठन ने लिया एक्शन
मामले में राजनीतिक नाम सामने आने के बाद संबंधित पार्टी संगठन ने भी सख्ती दिखाते हुए एक पदाधिकारी हरेंद्र परिहार को उनके पद से हटा दिया है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सट्टेबाजी जैसे गंभीर मामले में नाम आने के बाद यह कार्रवाई आवश्यक थी।
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