हमीरपुर: सुहागरात पर ही टूट गया 7 जन्मों का बंधन

WEDDING

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ कस्बे से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने शादी जैसे पवित्र रिश्ते पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या बिना सहमति के किया गया विवाह टिक सकता है? क्या दिल की आवाज को दबाकर साथ निभाया जा सकता है?

मामला राठ कोतवाली क्षेत्र के बुधौलियाना इलाके का है. शनिवार को पूरे रीति-रिवाज से शादी हुई. रविवार को विदाई के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची. लेकिन सुहागरात की रात ही रिश्ते की नींव हिल गई. जब दूल्हे ने घूंघट उठाने की कोशिश की, तो दुल्हन ने साफ शब्दों में कह दिया. मेरे करीब मत आना. मैं किसी और से प्यार करती हूं और उसी के साथ रहना चाहती हूं. यह सुनकर दूल्हा स्तब्ध रह गया. सुबह होते ही उसने परिवार को पूरी बात बताई. इसके बाद दोनों पक्ष राठ कोतवाली पहुंचे. पुलिस और परिजनों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही. अंततः आपसी सहमति से दोनों ने अलग रहने का निर्णय ले लिया.

दुल्हन का कहना है कि उसकी शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध कराई गई. वह अपने प्रेमी के साथ जीवन बिताना चाहती है. वहीं दूल्हे ने भी स्पष्ट कर दिया कि जब पत्नी साथ नहीं रहना चाहती, तो वह भी इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहता.

थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार के अनुसार, दोनों पक्षों की सहमति से अलग रहने का निर्णय लिया गया है. यह घटना कई अहम प्रश्न छोड़ जाती है. क्या आज भी बेटियों की इच्छा को अनदेखा किया जा रहा है? क्या सामाजिक दबाव में लिए गए फैसले रिश्तों को टूटने के लिए मजबूर कर रहे हैं? और सबसे बड़ा सवाल. क्या शादी से पहले दोनों की सहमति को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए?

About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *